12.3.08

मन मोहना (जोधा अक्बर)

Man Mohana (Jodha Akbar)
मन मोहना... मन मोहना...
कान्हा सूनो ना...
तुम बिन पाऊँ कैसे चैन
तरसूं तुम्ही को दिन रैन

छोड़ के अपने काशी मथुरा - 2
आके बसओ मोरे नैन
तुम बिन पाऊँ कैसे चैन कान्हा...
तरसूं तुम्ही को दिन रैन

एक पल उजियाला आए एक पल अंधियारा छाये
मन क्यों ना घबराए
कैसे ना घबराए...
मन जो कोई कान्हा अपनी राहों में पाये
कौन दिशा जाए
तुम बिन कौन समझाए - 2

रास रचैयाँ वृन्दावन के गोकुल के वासी
राधा तुम्हरी दासी
दर्शन को है प्यासी
शाम सलोने नन्द लाला कृष्ण बनवारी
तुम्हरी छव है न्यारी
मैं तौ हूँ तन मन हारी - 2

मन मोहना... मन मोहना... - 2
कान्हा सुनो ना...
तुम बिन पाऊँ कैसे चैन
तरसूं तुम्ही को दिन रैन

जीवन एक नदिया है लहरों लहरों बहती जाए
इस में मन की नय्या
डूबे कब तर जाए
तुम ना की बय्या हो तो कोई तट कैसे पाये
मझुदारिन बहलाए
तो तुम्हरी शरण आए
हाँ तुम्हरी शरण आए

मैं हूँ तुम्हारी है तुम्हारा यह मेरा जीवन
तुमको ही देखूं मैं
देखूं कोई दर्पन
बंसी बन जाऊंगी इन हॊटॊ की हो जाऊंगी
इन सपनों से जल थल
है मेरा मन आँगन
है मेरा... हं हं हं

1.3.08

राधे कृष्ण (विवाह)

Radhe Krishna ki Jodi (Vivaah)
राधे कृष्ण कि ज्योत आलोकित तीनों लोक में छाये हुई है
भक्ति विविश एक प्रेम पुजारिन फिर भी दीप जलाये रही है
कृष्ण को गोकुल से राधे को...
कृष्ण को गोकुल से राधे को बरसाने से बुलाये रही है
दोनों करो स्वीकार कृपा कर जोगन आरती गाये रही है
दोनों करो स्वीकार कृपा कर जोगन आरती गाये रही है

भोर भये ती सांज ढले तक सेवा कौन इतने महामारो
स्नान कराये वह वस्त्र ओढ़ाये वह भोग लगाए वह लागत प्यारो
कबसे निहारित आपकी ओर...
कबसे निहारित आपकी ओर कि आप हमारे ओर निहारो
राधे कृष्ण हमारे धाम को जानी वृन्दावन धाम पधारो
राधे कृष्ण हमारे धाम को जानी वृन्दावन धाम पधारो

2.2.08

क्यों हवा आज यूँ गा रही है (वीर ज़ारा)

Kyon Hawa Aaj Yoon Ga Rahi Hai (Veer Zaara)

एक दिन जब सवेरे सवेरे सुर्वयीं से अंधेर की चादर हठाके
एक पर्वत के तकिये से सूरज ने सर जो उठाया तो देखा
दिल कि वादी में चाहत का मौसम है और यादों की डालियों पर
अन्गिनत बीते लम्हों की कलियाँ मेहेकने लगी हैं
अन्कही अन्सुनी आरज़ू आधी सोयी हुई आधी जागी हुई
आँखें मलते हुई देखती है
लहर दर लहर मौज दर मौज बहती हुई ज़िंदगी फिर से हर पल नयी
और फिर भी वही हाँ वही ज़िंदगी
जिस्के दामन में एक मुहौब्बत भी है कोई हसरत भी है
पास आना भी है दूर जाना भी है और यह एहसास है
वक़्त झरने सा बहता हुआ जा रहा है यह कहता हुआ
दिल की वादी में चाहत का मौसम है और यादों की डालियों पर
अन्गिनत बीते लम्हों की कलियाँ मेहेकने लगीं हैं

क्यों हवा आज यूँ गा रही है...
क्यों हवा आज यूँ गा रही है
क्यों फिज़ा रंग छलका रही है
मेरे
दिल बता आज होना है क्या

चांदनी दिन में क्यों छा रही है
ज़िंदगी किस तरफ जा रही है
मेरे दिल बता क्या है यह सिलसिला
क्यों हवा आज यूँ गा रही है

आ...
जहाँ तक भी जाएँ निगाहें
बरसते है जैसे उजाले
जहाँ तक भी जाएँ निगाहें
बरसते है जैसे उजाले
सजी आज क्यों है यह राहें
खिले फूल क्यों है निराले
खुशबुयें कैसी यह बह रहीं हैं
धड़कने जाने क्या कह रहीं हैं
मेरे दिल बता यह कहानी है क्या
क्यों हवा आज यूँ गा रही है... गा रही है... गा रही है...

आ...
यह किसका है चेहरा जिसे मैं
हर एक फूल में देखता हूँ
यह किसका है चेहरा जिसे मैं
हर एक फूल में देखता हूँ
यह किसकी है आवाज़ जिसको
ना सुनके भी मैं सुन रह हूँ
कैसी यह आहटेँ आ रही हैं
कैसे यह ख्वाब दिखला रही है
मेरे दिल बता कौन है आ रहा
क्यों हवा आज यूँ गा रही है... गा रही है... गा रही है... आ...

मेरा रंग दे बसंती चोला (भगत सिंह)

Mera Rang De Basanti Chola (The Legend of Bhagat Singh)

chorus:
मेरा रंग दे...
मेरा रंग दे बसंती चोला माये रंग दे -२
मेरा रंग दे बसंती चोला रंग दे रंग दे
रंग दे बसंती चोला माये रंग दे

ओ... निकले हैं वीर जवान ले यूँ अपना सीना ताने
हंस हंस के जान लुटाने आज़ाद सवेरा लाने
मर के कैसे जीते हैं इस दुनिया को बतलाने
तेरे लाल चलें हैं माये अब तेरी लाज बचाने
मर के कैसे जीते हैं इस दुनिया को बतलाने
तेरे लाल चलें हैं माये अब तेरी लाज बचाने
आज़ादी का शोला बनके खून रगों में डोला
chorus

दिन आज का बड़ा सुहाना मौसम भी बड़ा सुनहरा
हम सर पे बाँध के आये बलिदानों का यह सहरा
बेताब हमारे दिल में एक मस्ती सी छायी है
ऐ देश अल्विदा तुझको कहने की घडी आई है
महकेंगे तेरी फिज़ा में हम बनके हवा का झोंका
किस्मत वालों को मिल्ता ऐसे मरने का मौका
निकली है बरात सजा है इंकलाम का डोला

मेरा रंग दे... मेरा रंग दे...
मेरा रंग दे बसंती चोला रंग दे रंग दे
रंग दे बसंती चोला माये रंग दे
मेरा रंग दे बसंती चोला रंग दे रंग दे
रंग दे बसंती चोला माये रंग दे

26.5.07

तुम ही देखो ना (कभी अल्विदा ना कहना)

Tum Hi Dekho Na (Kabhi Alvida Na Kehna)

Chorus:
तुम ही देखो ना यह क्या हो गया
तुम्हारा हूँ मैं और तुम मेरी
मैं हैरान हूँ तुम्हे क्या कहूं
कि दिन में हुई कैसे चांदनी

जागी जागी सी है फिर भी ख्वाबों में है
खोई खोई जिन्दगी
तुम ही देखो ना यह क्या हो गया
तुम्हारा हूँ मैं और तुम मेरी

बहके बहके से मन महके महके से तन
उजली उजली फ़िज़ाओं में हैं
आज हम हैं जहाँ कितनी रंगीलियाँ
छलकी छलकी निगाहों में हैं
नीली नीली घटाओं से है छन रही
हलकी हलकी रौशिनी
Chorus

मैं तो अंजान थी यूँ भी होगा कभी
प्यार बरसेगा यूँ टूटके
हो सच यह इकरार है सच यही प्यार है
बाकी बन्धन हैं सभ झूट के
मेरी सासों में है घुल रही प्यार की
धीमी धीमी रागिनी
Chorus
जागी जागी सी है फिर भी ख्वाबों में है
खोई खोई जिन्दगी

मितवा (कभी अल्विदा ना कहना)

Mitwa (Kabhi Alvida Na Kehna)
Love will find a way जानीये हेरिये (x2)

Chorus:
मेरे मन यह बता दे तू
किस ओर चला है तू
क्या पाया नही तूने
क्या ढूंड रहा है तू

Chorus 2:
जो है अनकही जो है अनसुनी
वह बात क्या है बता
मितवा कहे धड़कने तुझसे क्या
मितवा... यह खुद से तो ना तू छुपा

Love will find a way जानीये हेरिये (x2)
Chorus और Chorus 2

ग म प नी नी नी सा
गा म प ध ध ध नी
नी ध, ध म, प ध म (x2)

जीवन डगर में प्रेम नगर में (x2)
आया नज़र में जब से कोई है
तू सोचता है तू पूछता है
जिसकी कमी थी क्या यह वही है
हाँ यह वही है हाँ यह वही है
तू एक प्यासा और वह नदी है
काहे नहीं इस को तो खुल के बता
यह Chorus 2

ओ... तेरी निगाहें पा गयी राहें
पर तू यह सोचे जाऊं ना जाऊं
यह ज़िन्दगी जो है नाचती तो
क्यों बेड़ियों में है तेरे पाओं
प्रीत की धुन पर नाच ले पागल
उड़ता अगर है उड़ने दे आँचल
काहे कोई अपने को ऐसे तरसा
यह Chorus 2
Chorus
Love will find a way जानीये हेरिये (x4)... मितवा (x3)
Love will find a way